कृष्ण कुमार दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल के रूप में कार्य कर रहे थे. उन्होंने अखबार में अन्नाजी के आंदोलन के बारे में खबर पढ़ी और प्रभावित होकर पुलिस की नौकरी छोड़ने का फैसला कर लिया. सेवानिवृति की अर्जी लगाई और तीन महीने बाद सेवामुक्त होकर पूरी तरह से आंदोलन में सक्रिय हो गए. रामलीला मैदान में हुए अन्नाजी के अनशन के दौरान वॉलेंटिंयर का कार्य किया. पार्टी के गठन के बाद हुए सभी आंदोलनों-प्रदर्शनों में सक्रिय रूप से शामिल होते रहे हैं.