राष्ट्रीय कार्यकारिणी के बाद शुरू हुए भाजपा राष्ट्रीय परिषद् की बैठक में महंगाई, आंतरिक सुरक्षा और भ्रष्टचार का मुद्दा छाया रहा. अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने केंद्र में एक स्थाई सरकार देने का वादा किया और साथ ही कहा कि सिर्फ भाजपा में ही यह संभव है कि ‘चाय बेचने वाला’ भारत का प्रधानमंत्री बनने का सपना देख सकता है.